Times of NextGen से विशेष बातचीत में Hareetech Development के MD अभिषेक शर्मा ने नए भारत और सनातन पर रखे विचार

“सनातन किसी जाति या धर्म तक सीमित नहीं, यह जीवन जीने की वैज्ञानिक और नैतिक पद्धति है” – अभिषेक शर्मा
January 27, 2026 min read Reporter: Pushkar Dubey (Lucknow) admin
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लखनऊ। गणतंत्र दिवस के अवसर पर Hareetech Development Pvt. Ltd. के Managing Director एवं युवा उद्यमी अभिषेक शर्मा ने Times of NextGen News से विशेष बातचीत में नए भारत, डिजिटल क्रांति और सनातन परंपराओं को लेकर अपने विचार साझा किए। इस बातचीत में उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सनातन का अर्थ किसी जाति, धर्म या वर्ग से जोड़कर देखना गलत है, बल्कि सनातन एक विचारधारा और जीवन पद्धति है, जो मानवता को जोड़ती है। अभिषेक शर्मा ने कहा कि नया भारत वही है जो अपनी जड़ों से जुड़ा हो और तकनीक के माध्यम से भविष्य की ओर बढ़े। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे पश्चिमी सोच की नकल करने के बजाय भारतीय मूल्यों को समझें और उन्हें आधुनिक टेक्नोलॉजी से जोड़ें। “डिजिटल भारत और सनातन एक-दूसरे के विरोधी नहीं” Times of NextGen से बातचीत में अभिषेक शर्मा ने कहा कि यह भ्रम फैलाया जाता है कि टेक्नोलॉजी और परंपरा एक-दूसरे के खिलाफ हैं, जबकि सच्चाई यह है कि सनातन परंपरा स्वयं विज्ञान, तर्क और संतुलन पर आधारित रही है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि योग, ध्यान, आयुर्वेद और प्रकृति के साथ संतुलन जैसी अवधारणाएं आज पूरी दुनिया अपना रही है। उन्होंने कहा, “सनातन का मतलब केवल पूजा-पाठ नहीं, बल्कि सत्य, कर्म, अनुशासन, करुणा और समाज के प्रति जिम्मेदारी है। जब यही मूल्य डिजिटल भारत के निर्माण में जुड़ते हैं, तब एक मजबूत राष्ट्र बनता है।” युवाओं को दिया आत्मनिर्भर भारत का संदेश अभिषेक शर्मा ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज का युवा नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बने। उन्होंने स्टार्टअप, आईटी सेक्टर, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को युवाओं के लिए सबसे बड़ा अवसर बताया। उन्होंने कहा कि Hareetech के माध्यम से उनका उद्देश्य सिर्फ बिजनेस करना नहीं, बल्कि छोटे शहरों और ग्रामीण युवाओं को टेक्नोलॉजी के जरिए आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने यह भी कहा कि सही मार्गदर्शन और कौशल के साथ भारत का युवा वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना सकता है। “सनातन का अर्थ संकीर्ण सोच नहीं” Times of NextGen से बातचीत में अभिषेक शर्मा ने स्पष्ट किया कि “सनातन का मतलब किसी जाति, धर्म या समुदाय को श्रेष्ठ बताना नहीं है। सनातन वह विचार है जो ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना सिखाता है, जहां पूरी दुनिया एक परिवार है।” उन्होंने कहा कि अगर युवा सनातन को इस व्यापक दृष्टि से समझें, तो समाज में फैले भेदभाव, नफरत और भ्रम अपने आप खत्म हो जाएंगे। गणतंत्र दिवस पर देशवासियों को संदेश अंत में अभिषेक शर्मा ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि संविधान, संस्कृति और टेक्नोलॉजी—इन तीनों का संतुलन ही नए भारत की असली पहचान है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे डिजिटल भारत के साथ-साथ सांस्कृतिक भारत के भी सच्चे प्रतिनिधि बनें।

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